कहानी की शुरुआत क्लार्क नाम के आदमी से होती है, जो एक छोटी फर्नीचर दुकान चलाता है। बाहर से उसका कारोबार सामान्य दिखता है, लेकिन उसकी निजी और आर्थिक जिंदगी बुरी तरह बिखर चुकी है। दुकान लगातार घाटे में जा रही है, घर की हालत भी ठीक नहीं और उसकी पत्नी उसकी नशे की आदत से तंग आकर उसे छोड़ चुकी है। क्लार्क किसी तरह कारोबार बचाए रखने की कोशिश कर रहा है, मगर रोज नई समस्या सामने आ जाती है।
कुछ समय से दुकान में एक और विचित्र परेशानी चल रही है। बार-बार पूरे शोरूम के फ्यूज उड़ जाते हैं। क्लार्क बिजली का इस्तेमाल कम करने की कोशिश करता है, फिर भी हर महीने बिल असामान्य रूप से ज्यादा आता है। उसे लगता है कि कहीं वायरिंग में बड़ी खराबी है या कोई उपकरण लगातार बिजली खींच रहा है। आखिर वह एक इलेक्ट्रिशियन को बुलाता है।
इलेक्ट्रिशियन मुख्य बिजली पैनल की जाँच करता है। वहीं कुछ ऐसे स्विच और कनेक्शन मिलते हैं जिनका दुकान की ज्ञात बिजली व्यवस्था से कोई संबंध नहीं दिखाई देता। क्लार्क पहले उन्हें सामान्य खराब वायरिंग समझता है। वह फिलहाल अनजान स्विच बंद करवा देता है और तय करता है कि रात में दुकान में खुद रुककर देखेगा कि असली समस्या क्या है।
दीवार से निकलती वह रोशनी
रात होते ही दुकान फिर अंधेरे में डूब जाती है। लगभग सारे फ्यूज बंद हैं, फिर भी पैनल में एक लाइन सक्रिय रहती है। क्लार्क समझ नहीं पाता कि बिजली आखिर जा कहाँ रही है। वह टॉर्च लेकर बेसमेंट की तरफ जाता है। उसी अंधेरे में एक दीवार के किनारे से हल्की, अप्राकृतिक रोशनी निकलती दिखाई देती है।
पहले उसे लगता है कि नशे और तनाव की वजह से वह भ्रम देख रहा है। लेकिन पास जाकर हाथ दीवार पर रखता है तो उसकी उंगलियाँ ठोस सतह से आर-पार निकल जाती हैं। वह घबरा कर पीछे हटता है, फिर दोबारा जाँच करता है। दीवार अब दीवार नहीं रही; वह किसी अदृश्य परदे जैसा रास्ता बन चुकी है।
क्लार्क हिम्मत करके दूसरी तरफ कदम रखता है और उसकी आँखें हैरानी से फैल जाती हैं। वह अपनी दुकान में नहीं है। सामने अंतहीन पीली दीवारें, एक जैसी छत, कृत्रिम रोशनी और एक-दूसरे में खुलते कमरे हैं। खिड़की कहीं नहीं, बाहर जाने का संकेत कहीं नहीं और कोई इंसान भी दिखाई नहीं देता। जगह इतनी एक जैसी है कि कुछ ही कदम में दिशा का अंदाजा खो सकता है।
वहाँ का सन्नाटा भी सामान्य नहीं। ऐसा लगता है जैसे वास्तविकता की आवाज ही खत्म हो गई हो। क्लार्क खुद को समझाने की कोशिश करता है कि यह शायद उसके दिमाग का खेल है। लेकिन वह प्रमाण लेना चाहता है। उसे एक स्टूल मिलता है जिसे वह उठाकर उसी रास्ते से वापस अपनी दुकान में ले आता है। असली दुनिया में स्टूल उसके सामने मौजूद है। अब वह मानने को मजबूर है कि दूसरी तरफ की जगह वास्तविक है।
क्लार्क अकेला नहीं था जिसे वह जगह मिली
कहानी कुछ समय के लिए एक गुप्त शोध सुविधा की तरफ जाती है। वहाँ वैज्ञानिक कंप्यूटर स्क्रीन पर क्लार्क की गतिविधियाँ देख रहे हैं। इससे साफ हो जाता है कि उस दूसरी दुनिया का अस्तित्व उनके लिए नया नहीं है और क्लार्क अनजाने में किसी बहुत पुराने प्रयोग के बीच पहुँच गया है।
पुरानी रिकॉर्डिंग से पता चलता है कि 1990 में भी एक कर्मचारी उसी दुनिया में पहुँच गया था। शुरुआत में वह बाहर निकलने का रास्ता खोजता रहा, फिर मानसिक रूप से टूटने लगा। रिकॉर्डिंग में उसकी मदद के लिए चीखें और लगातार बिगड़ती हालत दिखाई देती है। अंत में एक काला साया उसका पीछा करता है और वह आदमी हमेशा के लिए गायब हो जाता है।
इस जानकारी से यह संकेत मिलता है कि क्लार्क का दरवाजा कोई अचानक पैदा हुई अलौकिक घटना नहीं। किसी संगठन को दशकों से इसका पता है, फिर भी उसने इसे बंद नहीं किया या शायद बंद कर ही नहीं पाया।
डॉक्टर मैरी ने उसकी बात पर विश्वास नहीं किया
अगली सुबह क्लार्क अपनी डॉक्टर मैरी के पास जाता है। वह पहले से मानसिक दबाव, शराब और दूसरी समस्याओं के कारण उसका इलाज कर रही है। क्लार्क उसे बताता है कि दुकान की दीवार के पीछे दूसरी दुनिया का रास्ता है। वहाँ ऐसी जगह है जो असली दुनिया की चीजों की नकल जैसी दिखती है, लेकिन कोई सामान्य इंसान मौजूद नहीं।
मैरी उसकी कहानी सुनती है, मगर स्वाभाविक तौर पर उसे लगता है कि क्लार्क ने फिर बहुत ज्यादा शराब पी होगी और वह भ्रम देख रहा है। वह उसे शांत होने और नशे से दूर रहने की सलाह देती है। क्लार्क बार-बार कहता है कि इस बार वह जो बता रहा है वह सच है। जब मैरी फिर भी विश्वास नहीं करती, तो वह फैसला करता है कि अगली बार सिर्फ कहानी नहीं बल्कि वीडियो प्रमाण लाएगा।
इसके लिए वह केट और बार्बी नाम के दो वीडियोग्राफरों से संपर्क करता है। दोनों पहले उसकी दुकान के प्रचार के लिए वीडियो बना चुके हैं, इसलिए क्लार्क उन्हें जानता है। जब वह रहस्यमय दीवार और दूसरी दुनिया की बात बताता है तो वे भी पहले हँसते हैं। तब क्लार्क रस्सियों और सुरक्षा उपकरणों के साथ उन्हें स्वयं उस दीवार के पार ले जाता है।
कैमरों के साथ बैक रूम्स में प्रवेश
तीनों कैमरे चालू रखते हैं और दूसरी तरफ पहुँचते हैं। केट और बार्बी की हँसी तुरंत गायब हो जाती है। उनके सामने भी वही पीली, अंतहीन भूलभुलैया है। कुछ दीवारें, कुर्सियाँ, अलमारियाँ और दूसरी वस्तुएँ उनकी दुनिया की परिचित चीजों जैसी लगती हैं, लेकिन पूरी जगह में कुछ गलत है। जैसे किसी ने वास्तविक दुनिया को देखकर उसकी अधूरी कॉपी बना दी हो।
वे रस्सी का इस्तेमाल इसलिए करते हैं ताकि वापसी का रास्ता न खोएँ। कैमरे लगातार रिकॉर्ड कर रहे हैं। चलते-चलते उन्हें एक गहरा सुराख दिखाई देता है। नीचे क्या है, यह समझने के लिए बार्बी की कमर में रस्सी बाँधकर उसे सावधानी से उतारा जाता है।
नीचे पहुँचते ही बार्बी के सामने डरावना दृश्य आता है। चारों तरफ पुरानी, टूटी और फटी चीजें पड़ी हैं। उनमें एक इंसानी सिर भी दिखाई देता है। तभी उसके सामने से काला साया गुजरता है। वह घबराकर ऊपर वालों से चिल्लाती है कि तुरंत रस्सी खींचो, यहाँ कोई है जो उसे मार सकता है।
केट और क्लार्क पूरी ताकत से रस्सी ऊपर खींचते हैं। बार्बी ऊपर आ तो जाती है, लेकिन उसके संभलने से पहले नीचे से कोई असाधारण ताकत रस्सी को फिर खींचना शुरू कर देती है। तीनों मिलकर विरोध करते हैं, पर दूसरी तरफ की शक्ति ज्यादा ताकतवर है। वे संतुलन खोकर नीचे गिरते हैं।
बार्बी गायब हो गई
नीचे पहुँचते ही वही अज्ञात चीज सबसे पहले बार्बी को पकड़ती है। उसे घसीटकर एक भयावह दरवाजे के भीतर ले जाती है। पीछे सिर्फ खून का निशान रह जाता है। क्लार्क और केट उसे बचाने के लिए दौड़ते हैं, लेकिन गलियारों की भूलभुलैया में दोनों अलग दिशाओं में बिछड़ जाते हैं।
क्लार्क अकेला भागता रहता है। कोई स्पष्ट निकास नहीं और हर मोड़ पिछले मोड़ जैसा दिखाई देता है। अंततः वह ऐसे स्तर पर पहुँचता है जहाँ एक भयानक प्राणी उसका सामना करता है। जीव कैमरे की तरफ झपटता है, क्लार्क के हाथ से रिकॉर्डिंग उपकरण छीनता है और वीडियो वहीं बंद हो जाता है। इसके बाद क्लार्क के साथ क्या हुआ, बाहरी दुनिया में किसी को पता नहीं चलता।
लेकिन उस दुनिया में जाने से पहले क्लार्क डॉक्टर मैरी को संदेश भेज चुका था। उसने लिखा था कि वह अब उस जगह में जा रहा है और शायद वापस नहीं आएगा। मैरी को संदेश असामान्य लगता है। पहले उसने क्लार्क की कहानी को भ्रम माना था, मगर अब उसे डर है कि वह खुद को नुकसान पहुँचाने जा रहा है। वह तुरंत दुकान पहुँचती है।
मैरी ने खुद दीवार को छुआ
दुकान खाली है। क्लार्क कहीं नहीं। मैरी बेसमेंट तक पहुँचती है और वहाँ दीवार पर क्लार्क द्वारा टेप से लगाया निशान देखती है। वह हाथ बढ़ाकर सतह छूती है और उसकी उंगलियाँ भी दीवार के आर-पार चली जाती हैं। उसी पल उसे समझ आता है कि क्लार्क झूठ नहीं बोल रहा था।
डरते हुए भी वह उसे खोजने दीवार के भीतर कदम रख देती है। बैक रूम्स में वह लंबे समय तक भटकती है। न क्लार्क मिलता है, न बाहर जाने का रास्ता। कुछ समय बाद पीछे से कोई आता है। मैरी मुड़ती है तो सामने क्लार्क है, लेकिन उसका व्यवहार और आँखें बदल चुकी हैं। वह अब पहले वाला सामान्य इंसान नहीं लगता।
क्लार्क उसे बेहोश कर देता है। होश आने पर मैरी रस्सियों से बँधी है और सामने दो बेहद विचित्र जीव बैठे हैं। उनके चेहरे असामान्य हैं और एक प्राणी के चेहरे पर बहुत सारी आँखें हैं। क्लार्क उसे बताता है कि इस दुनिया की हर चीज उनकी दुनिया की नकल है। यहाँ मौजूद जीवों में इंसानी खुशी, दर्द या सहानुभूति जैसा कोई एहसास नहीं।
अपनी बात साबित करने के लिए वह चाकू उठाकर पास बैठे जीव की गर्दन में घोंप देता है। प्राणी लगभग प्रतिक्रिया नहीं देता। मैरी यह देखकर काँप जाती है। वह क्लार्क से कहती है कि यह सब बंद करे और उसके साथ वापस चले। क्लार्क जवाब देता है कि इस जगह में दुख नहीं है और वह वापस नहीं जाना चाहता। वास्तविक दुनिया ने उससे कारोबार, परिवार और शांति सब छीन लिया था; उसे यह संवेदनाहीन दुनिया किसी तरह आसान लगने लगी है।
क्लार्क की ही विशाल प्रतिलिपि
तभी वहाँ एक बेहद बड़ा प्राणी आता है। उसकी शक्ल क्लार्क जैसी है और उसने वैसा ही समुद्री डाकू जैसा परिधान पहना है जैसा क्लार्क अपनी दुकान के प्रचार वीडियो में पहनता था। आकार और व्यवहार में वह मनुष्य से बहुत आगे विकृत हो चुका है।
क्लार्क को लगता है कि यह नई सत्ता मैरी को मारने आई है। वह उसे समझाने की कोशिश करता है कि मैरी अब उनके साथ रहेगी और उसे नुकसान न पहुँचाया जाए। लेकिन वह विशाल प्रतिलिपि उसकी बात नहीं सुनती। वह क्लार्क को पकड़ती है, उसकी गर्दन पर वार करती है और बेरहमी से उसके शरीर को कुचलकर दीवार पर फेंक देती है। क्लार्क की कहानी उसी दुनिया में समाप्त हो जाती है जिसे उसने वास्तविक जीवन से भागने की जगह समझ लिया था।
अब विशाल प्राणी मैरी के पीछे पड़ता है। मैरी पहले ही रस्सियों से निकल चुकी है और पूरी ताकत से भागती है। प्राणी बहुत तेज नहीं है, लेकिन उसके भारी कदम लगातार पीछे सुनाई देते हैं। भूलभुलैया जितनी देर चलती है उतनी ही उलझती जाती है। मैरी को समझ नहीं आता कि वह आगे जा रही है या बार-बार उसी जगह लौट रही है।
पतली सुरंग और मौत के ऊपर बना रास्ता
एक समय वह प्राणी मैरी के बेहद करीब पहुँच जाता है। उसे बचने के लिए एक पतली सुरंग दिखाई देती है जिसमें वह मुश्किल से घुस सकती है, जबकि विशाल जीव का शरीर उसमें नहीं आ सकता। मैरी तुरंत भीतर चली जाती है। दूसरी तरफ निकलकर उसे लगता है कि कुछ समय मिल गया है।
लेकिन नया क्षेत्र और भी भयावह है। दीवारों के किनारे बेहद संकरे रास्ते हैं और नीचे बहुत गहरी खाई। एक गलत कदम सीधे मौत दे सकता है। मैरी कुछ देर वहीं बैठ जाती है। फिर पीछे से उसी प्राणी के कदमों जैसी आवाज दोबारा सुनाई देने लगती है। मजबूरी में वह हवा में लटकी हुई सीढ़ी पर चढ़ती है।
ऊपर पहुँचकर उसे आश्चर्य होता है कि सामने का कमरा क्लार्क की दुकान के बेसमेंट जैसा दिखाई देता है। उसे लगता है कि आखिर वह वास्तविक दुनिया में लौट आई। मगर खिड़की खोलकर देखने पर साफ हो जाता है कि यह भी नकली है। बैक रूम्स ने दुकान के बेसमेंट की भी प्रतिलिपि बना ली है।
फिर भी एक दरवाजा उसे कहीं और जाता दिखाई देता है। मैरी जैसे ही उसे खोलकर आगे बढ़ती है, कोई उसके चेहरे पर स्प्रे करता है। वह तुरंत बेहोश हो जाती है।
गुप्त प्रयोगशाला का असली सच
आँख खुलने पर मैरी इस बार पीली भूलभुलैया में नहीं बल्कि अत्याधुनिक प्रयोगशाला में है। चारों तरफ सुरक्षा पोशाक पहने वैज्ञानिक और कंप्यूटर हैं। एक वैज्ञानिक उसे शांत करता है और बताता है कि अब वह सुरक्षित है। मैरी को यकीन नहीं होता कि उसने जो देखा वह सपना था, मानसिक बीमारी थी या वास्तविक घटना।
वैज्ञानिक उसे पूरी कहानी बताता है। यह शोध सुविधा मूल रूप से एमआरआई मशीनों और उनसे जुड़ी तकनीक पर प्रयोग करने के लिए बनाई गई थी। एक प्रयोग में गंभीर गलती हुई और वास्तविक दुनिया तथा दूसरी आयाम के बीच दरवाजा खुल गया। उस पार की दुनिया अपनी अलग वास्तविकता है। शोधकर्ताओं ने उसे बैक रूम्स नाम दिया।
यह जगह केवल खाली कमरे नहीं बनाती। जो चीज या व्यक्ति उसके संपर्क में आता है, वह उसकी नकल तैयार कर सकती है। दीवारें, कुर्सियाँ, दुकान का बेसमेंट और इंसानों जैसी दिखने वाली विकृत संस्थाएँ इसी प्रक्रिया का हिस्सा हैं। यही वजह है कि क्लार्क ने अपने प्रचार वाले परिधान में अपनी विशाल प्रतिलिपि देखी।
वैज्ञानिक मैरी को निगरानी स्क्रीन दिखाता है। कैमरे में एक लड़की कुर्सी पर बैठी है। पहली नजर में वह मैरी ही लगती है, लेकिन उसका चेहरा कुछ गलत और अस्वाभाविक है। वैज्ञानिक बताता है कि बैक रूम्स अब मैरी की भी प्रतिलिपि बना चुकी है। असली मैरी प्रयोगशाला में है, जबकि उसकी दूसरी प्रति उस दुनिया में स्वतंत्र घूम रही है।
अब मैरी आखिर समझती है कि क्लार्क की दुकान में बिजली इतनी अधिक क्यों खिंच रही थी, वैज्ञानिक उसके ऊपर नजर क्यों रख रहे थे और पुराने कर्मचारी का गायब होना कोई दुर्घटना क्यों नहीं था। दुकान का रहस्यमय रास्ता दशकों पुराने प्रयोग का परिणाम था। जिसने भी उस दुनिया में प्रवेश किया, वह सिर्फ खो जाने का खतरा नहीं उठाता था; वह उस जगह को अपनी पहचान की नई नकल बनाने के लिए सामग्री भी दे देता था।
कहानी इसी भयावह खुलासे पर समाप्त होती है। क्लार्क मर चुका है, बार्बी गायब हो चुकी है, केट का भाग्य अनिश्चित है और मैरी बाहर निकल तो आई है, लेकिन उसकी एक दूसरी प्रति अब उस अंतहीन दुनिया में मौजूद है। असली सवाल यह रह जाता है कि अगर बैक रूम्स वास्तविक दुनिया की हर चीज की नकल कर सकती है, तो किसी दिन वह दरवाजे के दूसरी तरफ रहने वाली पूरी दुनिया की कितनी बड़ी प्रतिलिपि बना देगी—और क्या वे प्रतियाँ हमेशा वहीं रहेंगी या कभी वापस हमारी दुनिया में भी पहुँच सकती हैं।