कहानी की शुरुआत जेल के एक कमरे से होती है। वहाँ करीब दो सौ चालीस पाउंड वजन वाला, लंबा-चौड़ा और बेहद ताकतवर आदमी बिस्तर पर आँखें खोलता है। उसका नाम जैक रिचर है। उस पर हत्या का आरोप लगा है और फिलहाल उसे हिरासत में रखा गया है। उसी कमरे में गैरेट नाम का एक डरा-सहमा आदमी भी मौजूद है। गैरेट के चेहरे से ही साफ है कि वह जेल के माहौल का आदी नहीं है और हर छोटी आवाज पर घबरा जाता है।
कुछ ही देर में जेल के कई खतरनाक कैदी कमरे में घुस आते हैं। वे सीधे गैरेट को घेर लेते हैं और उसकी घड़ी, अंगूठी तथा बाकी कीमती सामान छीनने लगते हैं। गैरेट डर के कारण विरोध तक नहीं करता। उसे लगता है कि सामान बचाने की कोशिश की तो जान भी जा सकती है। कमरे के दूसरे कोने में खड़ा रिचर यह सब शांत चेहरे से देखता रहता है। फिर वह धीरे-धीरे उन कैदियों की तरफ बढ़ता है।
एक कैदी अकड़कर पूछता है कि उसे क्या चाहिए। रिचर बिना आवाज ऊँची किए कहता है कि वे उसके कमरे में बिना अनुमति आए हैं, इसलिए गैरेट का सामान वापस करें और चले जाएँ। सामने वाले कैदी रिचर के विशाल शरीर को देखकर भी पीछे नहीं हटते। मगर रिचर की आँखों में ऐसा आत्मविश्वास है कि कुछ पल में माहौल बदल जाता है। वह गैरेट की चीजें उनसे वापस ले लेता है और उन्हें बाहर जाने पर मजबूर कर देता है। यह छोटा सा दृश्य बता देता है कि रिचर केवल ताकतवर ही नहीं, बल्कि अपने प्रभाव से भी लोगों को डराना जानता है।
एक दिन पहले मारग्रेव में रिचर का आगमन
कहानी फिर एक दिन पीछे जाती है। रिचर बस से उतरकर मारग्रेव नाम के छोटे से शहर में पहुँचा था। उसके पास कोई बड़ा सामान नहीं, कोई मोबाइल नहीं, कोई गाड़ी नहीं और कोई स्थायी पता नहीं। वह पूरे देश में अकेले घूमता रहता है और अपनी जरूरत भर की चीजों के साथ आगे बढ़ जाता है। मारग्रेव बाहर से बेहद शांत, साफ-सुथरा और हरा-भरा शहर दिखता है। सड़कें सुंदर हैं, मकान व्यवस्थित हैं और दूर से ऐसा लगता है जैसे यहाँ अपराध नाम की चीज हो ही नहीं सकती।
रिचर पैदल चलते हुए एक भोजनालय के सामने पहुँचता है। बाहर एक आदमी अपनी पत्नी पर सिर्फ इसलिए गुस्सा कर रहा होता है क्योंकि उसने उससे पूछे बिना वहाँ काम करने वाले व्यक्ति को पाँच डॉलर की टिप दे दी थी। वह आदमी पत्नी पर हाथ उठाने ही वाला होता है कि उसकी नजर रिचर पर पड़ती है। वह झल्लाकर पूछता है कि वह क्या घूर रहा है। रिचर कुछ नहीं बोलता, बस शांत आँखों से उसे देखता रहता है। उसका चेहरा ही इतना ठंडा और खतरनाक है कि सामने वाले आदमी का गुस्सा तुरंत ठंडा पड़ जाता है। वह बहाना बनाकर वहाँ से चला जाता है।
रिचर भोजनालय में बैठकर खाना मंगवाता है। वह अभी खाना शुरू भी नहीं कर पाया कि अचानक पुलिस की कई गाड़ियाँ चारों तरफ से जगह को घेर लेती हैं। रिचर कमरे में नजर दौड़ाता है। वहाँ एक बुजुर्ग जोड़ा और दो छोटे बच्चों के अलावा कोई ऐसा व्यक्ति नहीं जिसे पुलिस पकड़ने आई हो। वह तुरंत समझ जाता है कि पुलिस उसी के लिए आई है। वह घबराता नहीं। जेब से दस डॉलर निकालकर मेज पर रखता है और शांत बैठा रहता है।
हथियारों से लैस अधिकारी अंदर आते हैं और उसे उठने के लिए कहते हैं। रिचर बिना विरोध खड़ा हो जाता है। वह जानता है कि इतनी तैयारी के साथ पुलिस बिना वजह किसी को पकड़ने नहीं आती और अभी बहस या भागने का कोई मतलब नहीं। पुलिस उसे मारग्रेव थाने ले आती है। वहाँ उसकी मुलाकात रोस्को नाम की पुलिस अधिकारी से होती है। रोस्को उससे नाम, पता और जरूरी जानकारी पूछती है, लेकिन रिचर एक शब्द तक नहीं बोलता।
तलाशी में उसकी जेब से थोड़े पैसे, द्वितीय विश्व युद्ध का एक पदक और पासपोर्ट मिलता है। थोड़ी देर बाद पुलिस प्रमुख डस्टिन वहाँ पहुँचता है। रिचर की चुप्पी से परेशान होकर वह उसे सम्मेलन कक्ष में बैठाने का आदेश देता है। वहाँ जासूस ऑस्कर उससे बात करने आता है। ऑस्कर बताता है कि हत्या वाली जगह के पास लगे कैमरे में रिचर दिखाई दिया है और इसलिए वह संदिग्ध है। वह कहता है कि अगर रिचर बात नहीं करना चाहता तो वकील आने तक इंतजार कर सकता है।
तभी रिचर पहली बार बोलता है। वह कहता है कि उसे वकील की जरूरत नहीं। वह आज ही बस से उतरकर मारग्रेव आया है और इससे पहले कभी इस शहर में नहीं आया। उसे पता है कि उसका अचानक आना और उसी समय हत्या होना पुलिस को संदिग्ध लग सकता है, लेकिन उसने किसी को नहीं मारा। ऑस्कर हैरानी से पूछता है कि तो वह बोल भी सकता है। दूसरी ओर रोस्को उसके बारे में जानकारी निकालने की कोशिश करती है, लेकिन सामान्य पुलिस रिकॉर्ड में रिचर का लगभग कोई डिजिटल निशान नहीं मिलता। न कोई सामाजिक माध्यम खाता, न तस्वीरों का रिकॉर्ड और न कोई स्थायी डिजिटल पहचान।
गैरेट का संदिग्ध कबूलनामा
उसी दौरान ऑस्कर और रोस्को गैरेट नाम के बैंक कर्मचारी के घर पहुँचते हैं। पिछली रात मिली लाश के जूते में गैरेट का फोन नंबर छिपा मिला था। गैरेट बैंक में मुद्रा प्रबंधक है। पुलिस को शक है कि वह मृतक को जानता था। शुरुआत में गैरेट साफ मना कर देता है। लेकिन तभी उसकी नजर खिड़की से बाहर दूर खड़ी काली गाड़ी पर पड़ती है। गाड़ी देखते ही उसके माथे पर पसीना आ जाता है और हाथ काँपने लगते हैं। अचानक वह कह देता है कि हत्या उसी ने की है।
ऑस्कर तुरंत समझ जाता है कि गैरेट झूठ बोल रहा है। वह जाँचने के लिए कहता है कि क्या उसने मृतक को दो नली वाली बंदूक से चार गोलियाँ मारी थीं। गैरेट बिना सोचे हाँ कह देता है। इससे साफ हो जाता है कि उसे हत्या की असली जानकारी तक नहीं है। वह किसी के डर से अपराध अपने सिर पर ले रहा है। फिर भी उसके कबूलनामे के बाद पुलिस उसे गिरफ्तार कर थाने ले आती है, जहाँ रिचर पहले से मौजूद है।
दोनों को बताया जाता है कि उन्हें चौबीस घंटे के लिए उस जेल में रखा जाएगा जहाँ आरोपियों को वकील मिलने से पहले रखा जाता है। जाने से पहले रिचर पुलिस से कहता है कि गैरेट की घड़ी और अंगूठी जमा कर लो, क्योंकि अंदर पहुँचने के पाँच मिनट बाद ही कोई उसे लूट लेगा। गैरेट यह सुनकर और डर जाता है। दोनों को गाड़ी से जेल ले जाया जाता है।
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