कहानी की शुरुआत बेहद डरावनी स्थिति से होती है। इमली नाम की एक किशोरी कुर्सी से बंधी हुई है। उसके हाथ इतनी मजबूती से बाँधे गए हैं कि वह खुद को छुड़ा नहीं पा रही। सामने उसका बॉयफ्रेंड जिन कैमरा लेकर खड़ा है। जिस लड़के पर उसने भरोसा किया था, वही अब उसके डर को रिकॉर्ड कर रहा है। तभी दरवाजा खुलता है और चेहरे ढके कई लड़के कमरे में आते हैं। वे इमली को और डराते हैं, उसका मुँह बाँध देते हैं और उसके साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार शुरू करते हैं जिसकी उसने कल्पना तक नहीं की थी। जिन पीछे हटने के बजाय कैमरा चलाता रहता है। उसी क्षण इमली समझ जाती है कि यह अचानक हुआ हमला नहीं बल्कि पहले से बनाई गई योजना है।
फिल्म फिर हमें कुछ समय पीछे ले जाती है। इमली हाई स्कूल की छात्रा है और अपनी मां के साथ रहती है। वह सामान्य, खुशमिजाज और भरोसा करने वाली लड़की है। इन दिनों वह जिन नाम के लड़के को डेट कर रही है। उनकी मुलाकात को अभी केवल एक महीना हुआ है, लेकिन इमली भावनात्मक रूप से उससे काफी जुड़ चुकी है। वह मां को सच नहीं बताती। बाहर जाने के लिए कहती है कि अपनी दोस्त से मिलने जा रही है, जबकि असल में जिन से मिलने वाली होती है।
जिन शुरुआत में बेहद प्यार करने वाला और ध्यान रखने वाला दिखाई देता है। वह इमली के साथ घूमता है, बात करता है और दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती हैं। एक दिन वह उसे अपने घर बुलाता है। दोनों खाना खाते हैं, हँसते हैं और देर रात तक बातें करते हैं। जब इमली घर लौटने की बात करती है तो जिन थोड़ी देर और रुकने के लिए मना लेता है। इमली उसके व्यवहार पर भरोसा करती है और रुक जाती है।
जिस पेय में छिपी थी पूरी साजिश
इमली को थकान और हल्का नशा महसूस होने लगता है। जिन उसे एक पेय देता है और कहता है कि इससे उसका सिर साफ हो जाएगा। उसे अंदाजा नहीं कि उसमें पहले से नशीली दवा मिलाई गई है। कुछ ही देर में उसकी आंखें भारी हो जाती हैं और वह बेहोश हो जाती है। जब होश लौटता है तो खुद को कुर्सी से बंधा पाती है। बाहर से लड़कों की आवाजें आती हैं और वे पैसे तथा रिकॉर्डिंग की बात कर रहे होते हैं।
जिन कैमरा लेकर कमरे में प्रवेश करता है। उसके चेहरे पर वह अपनापन नहीं जो इमली ने पिछले एक महीने में देखा था। एक-एक करके उसके साथी आते हैं। वे सब चेहरे ढके हुए हैं। इमली के लिए सबसे बड़ा सदमा केवल यह नहीं कि उसके साथ अपराध हो रहा है, बल्कि यह कि जिन पूरे समय उसका साथी था। वे रिकॉर्डिंग इसलिए बना रहे थे ताकि उसे ऑनलाइन बेचकर पैसा कमाया जा सके। उनके लिए इमली इंसान नहीं, एक लाभदायक वीडियो थी।
अगली सुबह अपराधी उसे असहाय हालत में छोड़कर चले जाते हैं। वह किसी तरह घर पहुंचती है। शरीर पर चोट के निशान हैं और दिमाग सदमे में है। मगर वह मां से कुछ नहीं कहती। उसे डर है कि अगर सच सामने आया तो परिवार, स्कूल और समाज उसे ही दोषी ठहराएंगे। वह जिन पर भरोसा करने की अपनी गलती को लेकर खुद को ही दोष देने लगती है।
कुछ समय बाद उसे पता चलता है कि रिकॉर्डिंग इंटरनेट पर फैल चुकी है। अब केवल अपराध करने वाले पांच लड़के नहीं, अनगिनत अजनबी भी उसकी निजी पीड़ा को देख रहे हैं। इमली टूट जाती है। वह घर में चुप रहने लगती है, स्कूल जाने से डरती है और हर नजर उसे सवाल करती हुई महसूस होती है। उसकी मां सोचती है शायद स्कूल में कोई झगड़ा हुआ है, मगर असली बात उससे भी ज्यादा भयावह है।
पुलिस आई, मगर नुकसान पहले ही हो चुका था
वीडियो इतना फैल जाता है कि मामला पुलिस तक पहुंचता है। एक जासूस इमली के घर आता है और उसकी मां को सच बताता है। मां के पैरों तले जमीन खिसक जाती है। उसे विश्वास ही नहीं होता कि बेटी इतने बड़े दर्द से अकेले गुजर रही थी और उसने किसी को कुछ नहीं बताया। पुलिस जांच में जिन और उसके चार साथियों की पहचान होती है। उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता है।
लेकिन गिरफ्तारी से इमली की जिंदगी तुरंत ठीक नहीं होती। अपराधी हाई स्कूल के छात्र हैं, सबूतों की सीमाएं हैं और वीडियो कई जगह कॉपी हो चुका है। पुलिस कुछ लोगों को पकड़ती है, मगर ऑनलाइन दुनिया से सामग्री पूरी तरह हटाना लगभग असंभव है। जासूस को भी शक रहता है कि लड़कों से आगे कोई बड़ा व्यक्ति या नेटवर्क इस तरह की सामग्री खरीद और फैलवा रहा है।
उस वायरल श्रृंखला को ऑनलाइन लोग मैरियोनेट नाम से पहचानने लगे थे। इमली को ऐसा महसूस कराया गया जैसे वह किसी की कठपुतली हो—उसका शरीर, डर और निजी जीवन सब दूसरों के मनोरंजन और कमाई के लिए नियंत्रित किए गए। स्कूल में चर्चा, फुसफुसाहट और लोगों की निगाहें उसके लिए हर दिन नई सजा बन जाती हैं। जासूस आखिर उसकी मां को सलाह देता है कि वे शहर छोड़ दें और कहीं दूर नई जिंदगी शुरू करें।
दस साल बाद इमली बन चुकी है मिस हान
देखते-देखते दस साल गुजर जाते हैं। इमली अब अपने पुराने नाम से नहीं जानी जाती। वह मिस हान के रूप में सियोल के एक स्कूल में शिक्षिका है। समय ने बाहरी घाव भर दिए हैं। वह बच्चों को पढ़ाती है, जिम्मेदार शिक्षक है और सहकर्मियों के बीच सामान्य जिंदगी जीती दिखाई देती है। उसके अतीत के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं।
उसकी निजी जिंदगी भी आगे बढ़ चुकी है। उसकी सगाई हो गई है और पहली बार उसे लगता है कि शायद वह स्थिर परिवार और शांत भविष्य बना सकेगी। स्कूल के बच्चे उसकी सगाई की खबर सुनकर खुशी से बधाई देते हैं। वर्ग का नेता किम मजाक करते हुए बताता है कि बच्चों ने शिक्षक कक्ष के बाहर उनकी बातचीत सुन ली थी। मिस हान हल्का सा मुस्कुरा देती है। उसे लगता है पुराने डर पीछे छूट चुके हैं।
एक शाम वह स्कूल में देर तक काम कर रही होती है। फोन पर अपने मंगेतर से बात करते समय मेज पर कॉफी का कप और छोटा नोट मिलता है। नोट पर नई जिंदगी की बधाई और नीचे किसी ‘नंबर वन फैन’ का संदेश लिखा है। उसे थोड़ा अजीब लगता है, मगर वह इसे किसी छात्र की शरारत समझकर कॉफी पी लेती है।
अगली सुबह किम उसे उसी मेज के पास बेहोश पाता है। मिस हान घबराकर उठती है और महसूस करती है कि रात का बड़ा हिस्सा उसकी याद से गायब है। फिर उसकी नजर कलाई पर पड़ती है। गहरे निशान हैं, जैसे उसे किसी ने बांधा हो। उसी क्षण दस साल पुरानी घटना की स्मृति वापस आने लगती है।
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