ग्रैहम का प्रस्ताव: अब भागना होगा
ग्रैहम कहता है कि वे हमेशा इसी घर में नहीं रह सकते। अगर प्राणी दरवाजा खोल सकते हैं तो उन्हें उनमें से किसी एक को पकड़कर उससे रास्ता खुलवाना चाहिए। शुरुआत में जेसन साफ मना करता है। उसे बाहर सुजैन की मौत और वर्षों की तबाही याद है। लेकिन ऐन भी ग्रैहम का साथ देती है। उसका तर्क है कि घर की नींव लगातार धँस रही है, खेती नष्ट हो चुकी है और जीव अब उनके भीतर होने से परिचित हैं। यहीं रहना भी मौत का इंतजार है।
आखिर जेसन मान जाता है। उसकी इंजीनियरिंग समझ अब परिवार की अंतिम उम्मीद बनती है। रस्सियाँ, पुल्ली, पुराने औजार, स्वचालित फंदे, गैराज की कार, तेल, क्रॉसबो और घर में बची हर उपयोगी चीज मिलाकर वह बड़ा जाल बनाता है। योजना यह है कि जीव को अंदर आने दिया जाए, उसे कई रस्सियों में बाँधा जाए और फिर उसके नियंत्रण में रहते हुए दरवाजा खुलवाया जाए।
रूथ भी पूरी तरह ठीक होने के बाद मदद करती है। घर के अलग-अलग कमरों में ट्रिगर और रस्सियाँ लगती हैं। हर सदस्य की अपनी जगह तय होती है। यह वही परिवार है जो पाँच साल पहले एक जाम दरवाजे के सामने घबराया खड़ा था; अब उसने पूरे घर को रक्षा-तंत्र में बदल दिया है।
अंतिम रात में घर पानी से भर गया
वे जीव के आने का इंतजार करते हैं, मगर उस रात योजना के शुरू होने से पहले ही कुछ अप्रत्याशित होता है। घर के अंदर हर तरफ से पानी भरने लगता है। बारिश का पानी किसी साधारण रिसाव की तरह नहीं, बल्कि मानो पूरे घर को डुबोने के उद्देश्य से तेजी से बढ़ता है। परिवार पहले ऊपरी मंजिल और फिर अटारी की तरफ जाता है। अगर पानी इसी रफ्तार से बढ़ा तो राक्षसों की जरूरत भी नहीं पड़ेगी; वे दम घुटने से मर जाएँगे।
एक जीव घर में दिखाई देता है। ऐन तेल से बनाया आग वाला बम उसके ऊपर फेंकती है। प्राणी के शरीर में आग लग जाती है। जेसन क्रॉसबो से निशाना लगाता है, लेकिन तीर चूक जाता है। जीव पलटकर जेसन को पकड़ता है और गहरे होते पानी में फेंक देता है। ऐन उसे संभालकर सीढ़ियों की ओर लाती है और सब किसी तरह अटारी तक पहुँचते हैं।
कुछ ही देर में अटारी भी पानी से भरने लगती है। साँस लेने के लिए जगह घटती जा रही है। ग्रैहम नीचे छोड़ा क्रॉसबो तंत्र फिर तैयार करता है। परिवार एक साथ गहरी साँस लेता है और पानी में उतरता है। प्राणी उनके करीब आता है। इस बार जेसन निशाना नहीं चूकता। तीर शरीर में लगते ही उससे जुड़ी रस्सी खिंचती है और पूरी व्यवस्था सक्रिय हो जाती है।
गैराज की पुरानी कार अपने आप स्टार्ट होती है। उससे जुड़ी पुल्लियाँ घूमती हैं और अलग-अलग कमरों में लगी रस्सियाँ प्राणी को कई दिशाओं से जकड़ लेती हैं। कार की चाल और तंत्र के दबाव से नीचे बड़ा हिस्सा टूटता है। घर में जमा पानी उसी बड़े छेद से तेजी से बाहर निकलने लगता है। कुछ ही मिनट में परिवार फिर हवा में साँस ले सकता है। जिस कार को ग्रैहम बेकार कहता था, वही अंतिम फंदे की सबसे महत्वपूर्ण मशीन बन जाती है।
राक्षस भी डरा हुआ था
प्राणी रस्सियों में बँधा पड़ा है। जेसन खंजर लेकर उसके पास जाता है और बार-बार इशारा करता है कि दरवाजा खोलो। जीव उसकी भाषा नहीं समझता। जेसन गुस्से और वर्षों की पीड़ा में उसे धमकाता है। तभी रूथ उसे रोकती है। वह कहती है कि अगर उन्होंने इसे मार दिया और केवल यही जीव दरवाजा खोल सकता है, तो वे फिर हमेशा के लिए फँस जाएँगे।
जेसन एक क्षण रुककर प्राणी को ध्यान से देखता है। उसे पहली बार उसकी आँखों और शरीर में हमला करने की तैयारी से ज्यादा भय दिखाई देता है। वह भी रस्सियों में जकड़ा हुआ अपनी जान बचाना चाहता है। जेसन को रूथ की पुरानी बात याद आती है—उसने सालों पहले कहा था कि रेन वॉकरों में से एक मित्र जैसा है। शायद सामने वही जीव है।
अब सारे संकेत एक साथ जुड़ने लगते हैं। जीव समुद्र का नमकीन पानी साथ लाते हैं। बारिश उनके आने से जुड़ी है। पाँच वर्षों में इंसानों के घरों में बंद रहने के कारण शहरों में जंगल लौट आया, आकाश साफ हुआ और जानवरों ने जगह वापस ले ली। शायद ये एलियन नहीं, बल्कि पृथ्वी के गहरे समुद्रों से निकले पुराने जीव हैं। शायद उनका उद्देश्य सभी मनुष्यों को मारना नहीं, बल्कि उनकी गतिविधि रोकना था ताकि प्रकृति को साँस लेने का समय मिले।
जेसन समझता है कि मनुष्य भी तो इस ग्रह पर बाकी जीवों की तरह एक प्रजाति है, मालिक नहीं। उसने अपने डर में हर अज्ञात जीव को राक्षस समझ लिया। वह खंजर नीचे करता है, फिर रस्सियाँ काटना शुरू कर देता है। ऐन और ग्रैहम तनाव में देखते हैं। जीव मुक्त होते ही उस पर झपटता नहीं। जेसन खंजर भी दूर फेंक देता है ताकि साफ हो कि वह हमला नहीं करेगा।
पाँच वर्षों बाद घर का दरवाजा खुला
मुक्त हुआ जीव धीरे-धीरे मुख्य दरवाजे तक जाता है और उसे खोल देता है। बाहर की खुली हवा दिखाई देती है। जेसन, ऐन, ग्रैहम और रूथ कुछ क्षण विश्वास ही नहीं कर पाते। पाँच साल से वे इस दृश्य की कल्पना करते आए थे। आखिर चारों घर से बाहर कदम रखते हैं। मिट्टी पर पैर रखना, हवा को सीधे चेहरे पर महसूस करना और बिना काँच के आकाश देखना उन्हें भावुक कर देता है।
लेकिन राहत कुछ ही सेकंड रहती है। चारों तरफ से कई और समुद्री जीव उन्हें घेर लेते हैं। परिवार के पास भागने की जगह नहीं। जेसन समझता है कि शायद दया दिखाने के बावजूद वे अब मरेंगे। तभी वह जीव जिसे उन्होंने छोड़ा था उनके सामने आ जाता है और बाकी प्राणियों को किसी संकेत से रोकता है। दूसरे जीव हमला नहीं करते। कुछ देर बाद वे शांत होकर समुद्र की दिशा में लौटना शुरू कर देते हैं।
जेसन का परिवार समझता है कि जिस जीव की जान उन्होंने छोड़ी, उसने बदले में उनकी जान बचाई। रूथ इतने वर्षों से जिस मित्रवत प्राणी की बात करती रही, वह शायद वास्तव में उनके व्यवहार को समझता था। उसे मानव भाषा नहीं आती, लेकिन दया और खतरे का फर्क वह पहचानता था।
अगर वे कुछ मिनट और भीतर रहते तो मर जाते
परिवार अभी अपने घर की तरफ मुड़कर देख ही रहा होता है कि पुरानी दीवारें हिलने लगती हैं। पाँच वर्षों से धँसती नींव आखिर जवाब दे देती है। देखते ही देखते पूरा मकान टूटकर जमीन में समा जाता है। जिस घर ने उन्हें पाँच साल बचाए रखा, वही अब उनकी कब्र बन जाता अगर वे कुछ मिनट पहले बाहर न निकले होते।
बारिश भी रुक चुकी है। वे चारों आसपास देखते हैं। मोहल्ला पहचान में नहीं आता। जहाँ सड़कें थीं वहाँ पेड़ और घास है। कई घर बेलों में ढके हैं, कुछ ढह चुके हैं और जंगली जानवर खुले घूम रहे हैं। वर्षों तक इंसानी दखल न होने से पूरा इलाका लगभग जंगल बन गया है। प्रकृति ने अपनी जगह वापस ले ली है।
जेसन की नजर पड़ोस में खड़ी एक नाव पर जाती है। वह आवश्यक सामान उसमें रखता है। यह उसके लिए एक प्रतीकात्मक वापसी है। उसने कभी पैसे की मजबूरी में अपनी नाव बेच दी थी और अब जब पुरानी दुनिया खत्म हो चुकी है, समुद्र ही उसे नई जिंदगी की ओर ले जाने वाला रास्ता बनता है। ऐन, ग्रैहम और रूथ उसके साथ नाव पर बैठते हैं और चारों पानी में निकल पड़ते हैं।
कथावाचक दरअसल बड़ी हो चुकी रूथ थी
अब कहानी बताने वाली लड़की की पहचान साफ होती है। वह कोई बाहरी कथावाचक नहीं, बल्कि वर्षों बाद बड़ी हुई रूथ है। वह इस पूरे अनुभव को याद करते हुए समझाती है कि उसका परिवार केवल इसलिए बचा क्योंकि अंतिम पल में उसने प्राणी की जान लेने से मना किया और जेसन ने उसकी बात सुनी। जीवों ने भी उसी दया का जवाब दया से दिया।
नाव में आगे बढ़ते हुए अचानक रेडियो पर मानव आवाज सुनाई देती है। इसका मतलब है कि वे दुनिया के अंतिम लोग नहीं। कहीं और भी ऐसे परिवार और लोग हैं जिन्होंने किसी तरह वर्षों की कैद, भूख और बीमारी के बीच जीवन बचाया। फिर भी आबादी पहले जैसी नहीं रही। लाखों लोग शायद भोजन, दवाई और मानसिक टूटन के कारण मर चुके हैं।
रूथ की नजर में समुद्री जीवों का मकसद पृथ्वी पर कब्जा करना नहीं था। वे शायद खुद भी उसी ग्रह का हिस्सा थे और मानवता की लगातार बढ़ती लालच, प्रदूषण और संसाधनों के कब्जे ने उन्हें सतह पर आने के लिए मजबूर किया। जब इंसानों को घरों में बंद किया गया, जंगल वापस आए, जानवर खुले घूमे और हवा साफ हुई। पृथ्वी ने अपने घाव भरना शुरू किया।
जेसन की यात्रा भी बदलती सोच की कहानी है। शुरुआत में वह हर समस्या को ताकत, औजार और इंजीनियरिंग से हल करना चाहता है। जब राक्षस दिखाई देते हैं तो उसका पहला विचार उन्हें मारना है। लेकिन अंत में वह समझता है कि तकनीक और ताकत तभी उपयोगी हैं जब उनके साथ समझ भी हो। बाहर का जीव उतना ही डरा हुआ था जितना उसका परिवार। उसने केवल खतरा देखकर वार करने की जगह एक क्षण रुककर उसे समझने की कोशिश की, और वही निर्णय चार लोगों की जान बचाता है।
फिल्म इसी विचार के साथ समाप्त होती है कि यह ग्रह केवल इंसानों का नहीं। समुद्र, जंगल, पशु, पौधे और वे रहस्यमय जीव भी इसके उतने ही हिस्सेदार हैं। जेसन और उसका परिवार अब नाव में नई दुनिया की ओर बढ़ रहा है। पीछे उनका पुराना घर मिट्टी में समा चुका है, मगर सामने रेडियो पर दूसरे बचे लोगों की आवाज है। पुरानी सभ्यता शायद कभी पहले जैसी न बने, लेकिन इस परिवार के पास एक दूसरी शुरुआत का मौका है—ऐसी शुरुआत जिसमें वे जानते हैं कि जीवित रहने का अर्थ सिर्फ दूसरों पर विजय पाना नहीं, बल्कि उनके साथ जगह बाँटना भी है।
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