Project Gutenberg (2018) Crime Mystery Movie Explained in Hindi

August 9, 2026 22 min read
Project Gutenberg poster

Movie Details

Year
2018
Rating
★ 7.2/10
Runtime
130 min
Genres
Action, Crime, Mystery
Director
Felix Chong Man-Keung

Where to watch

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कहानी की एक झलक

आगे क्या होने वाला है?

एक बेहद हुनरमंद कलाकार जेल से बाहर निकलने के लिए पुलिस को पेंटर नाम के खतरनाक जालसाज की कहानी सुनाता है। लेकिन जैसे-जैसे नकली नोटों, धोखे, जुनून और हत्या की परतें खुलती हैं, असली मास्टरमाइंड की पहचान पूरी कहानी को उलट देती है।

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OFFICIAL TRAILER

आप भाग 3 पढ़ रहे हैं पूरी कहानी: लगभग 26 मिनट
इस भाग में लगभग 1582 शब्द हैं।

पेंटर के खिलाफ ली की बगावत

पेंटर ली से कहता है कि अगर वह वास्तव में युवान को चाहता है तो लुक को गोली मार दे। ली साफ इंकार करता है। वह पिस्तौल उठाकर उल्टा पेंटर पर तान देता है। माहौल में तनाव चरम पर पहुँच जाता है और अचानक गोलियाँ चलने लगती हैं। इस गोलीबारी में लुक मारा जाता है। इसके बाद ली और पेंटर के बीच भीषण गनफाइट छिड़ जाती है।

चिंग भी पेंटर के आदमियों पर गोलियाँ चलाती है और ली की मदद करती है। एक-एक करके कई लोग गिरते हैं। आखिर ली पेंटर के सीने में गोली मारता है और उसे खत्म कर देता है। अब ली युवान को बचाने के लिए आगे बढ़ना चाहता है, लेकिन चिंग उसे रोक देती है। वह युवान को जान से मारने की धमकी देती है। चिंग ली से प्यार करने लगी है और उसे लगता है कि ली हमेशा उसे युवान की छाया की तरह देखता है।

ली के पास कोई आसान रास्ता नहीं बचता। वह युवान को वहीं छोड़कर चिंग के साथ निकल जाता है। बाद में वह उस रिसोर्ट में पहुँचता है जो पेंटर ने उसके लिए खरीदा था। अगली सुबह अखबार में पढ़ता है कि पुलिस को पेंटर की लाश नहीं मिली। ली डर जाता है कि शायद पेंटर जिंदा बच गया है और अब युवान से बदला लेने जाएगा। वह तुरंत उसे बचाने के लिए निकलता है, मगर रास्ते में पुलिस उसे गिरफ्तार कर लेती है। यहीं फ्लैशबैक समाप्त होता है और कहानी फिर पूछताछ वाले वर्तमान में लौटती है।

पुलिस के सामने पेंटर का स्केच

ली की लंबी कहानी सुनने के बाद पुलिस उससे पेंटर की पहचान तय करने को कहती है। युवान भी ली को पूरी बात बताने के लिए प्रेरित करती है। ली आखिर पेंटर का एक स्केच बनाता है। पुलिस मानती है कि अब उनके पास देश के सबसे वांछित अपराधी का चेहरा है। ली को जमानत मिल जाती है और पुलिस उसे होटल में छोड़ती है। वहाँ वह युवान से माफी मांगता है। दोनों के बीच एक भावुक और रोमांटिक पल आता है, मानो इतने अपराधों के बाद ली को आखिर अपनी खोई हुई जिंदगी वापस मिल रही हो।

लेकिन उसी समय इंस्पेक्टर हो को पुलिस स्टेशन में वर्दी पहने एक आदमी दिखाई देता है जिसका चेहरा ली के बनाए पेंटर के स्केच से बिल्कुल मेल खाता है। पुलिस उसे तुरंत पकड़ लेती है। आदमी घबराकर कहता है कि वह कोई अपराधी नहीं, बल्कि साधारण पुलिस कांस्टेबल है। वह अपनी पहचान-पत्र दिखाता है। उसकी असली पहचान की पुष्टि होते ही इंस्पेक्टर हो समझ जाता है कि ली ने उन सबको बेवकूफ बनाया है।

असली पेंटर कौन था

यहीं फिल्म सबसे बड़ा मोड़ लेती है। जिस खतरनाक पेंटर की कहानी ली ने इतने विश्वास के साथ सुनाई थी, वैसा कोई अलग व्यक्ति था ही नहीं। पेंटर वास्तव में ली की गढ़ी हुई पहचान थी। नकली अमेरिकी नोटों की डिजाइन से लेकर सेंट्रल बैंक की गाड़ी पर हमला, जनरल के ठिकाने पर नरसंहार, गैंग के नियम, यान की हत्या, विंग की हत्या और पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का मास्टरमाइंड खुद ली था।

ली ने पूछताछ के दौरान अपने अपराधों को दो हिस्सों में बाँटकर पेश किया। उसने खुद को डरा हुआ, प्रतिभाशाली लेकिन मजबूर कलाकार बताया और हिंसक फैसलों का जिम्मा काल्पनिक पेंटर पर डाल दिया। जब पुलिस को पेंटर का चेहरा चाहिए था, तो उसने अपनी असाधारण नकल करने की क्षमता फिर इस्तेमाल की। गिरफ्तारी के दौरान उसे जिस पुलिस कांस्टेबल का चेहरा दिखा था, उसी को याद से स्केच कर दिया। पुलिस ने स्केच देखकर निर्दोष कांस्टेबल को पेंटर समझ लिया।

ली केवल चित्र और नोट कॉपी करने में ही माहिर नहीं था। वह कहानी, पहचान और इंसान तक कॉपी कर सकता था। उसने ऐसा काल्पनिक पेंटर बनाया जो उसकी हिंसा, महत्वाकांक्षा और अपराध का बोझ उठा सके। पुलिस के सामने उसका अभिनय इतना विश्वसनीय था कि इंस्पेक्टर हो भी लंबे समय तक उसकी कहानी में फँसा रहा।

नकली युवान की असली पहचान

फिल्म फिर दूसरा बड़ा सच खोलती है। पुलिस स्टेशन में ली की जमानत कराने आई महिला असली युवान नहीं थी। होटल में उसके साथ मौजूद महिला भी युवान नहीं थी। वह चिंग थी। जनरल के ठिकाने पर उसका चेहरा जलने के बाद ली ने उसकी प्लास्टिक सर्जरी करवाई और उसे युवान जैसा चेहरा दिलवा दिया। नई पहचान-पत्र में युवान नाम लिखे जाने पर ली का जो गुस्सा दिखाया गया था, वह भी उसकी अपनी बनाई कहानी का हिस्सा था।

असल में ली ने चिंग को जानबूझकर युवान की शक्ल दी थी। वह असली युवान को कभी पा नहीं सका था और उसकी दीवानगी इतनी बढ़ चुकी थी कि उसने चिंग को युवान का चेहरा देकर अपने पास रख लिया। चिंग समय के साथ ली से प्रेम करने लगी, लेकिन उसे महसूस हुआ कि ली उससे उसके अपने रूप में नहीं, केवल उस चेहरे की वजह से जुड़ा है जो युवान जैसा है। यह एहसास उसके अंदर गहरी नाराजगी पैदा करता है।

इसी गुस्से में चिंग असली युवान और लुक का अपहरण करती है। वह ली से कहती है कि अगर वह सच में उससे प्यार करता है तो युवान और लुक को खत्म कर दे। इसके बाद जो गोलीबारी होती है, उसमें लुक मारा जाता है। ली पूछताछ में इस पूरी घटना को ऐसे सुनाता है जैसे पेंटर ने अपहरण किया, पेंटर ने आदेश दिया और चिंग केवल बीच में फँसी हुई थी। वास्तव में उसके द्वारा सुनाई गई कहानी सच और झूठ का जानबूझकर बनाया गया मिश्रण थी।

अब जेल की शुरुआत वाली चिट्ठी का रहस्य भी खुलता है। ली ने वह पत्र चिंग को भेजा था। उसने उससे माफी मांगी और उसकी मदद मांगी। उसी चिट्ठी की वजह से चिंग युवान का चेहरा लेकर वकील के साथ पुलिस स्टेशन पहुँची। उसने पुलिस को यकीन दिलाया कि वह ली की पुरानी प्रेमिका युवान है और ली को सच बोलने के लिए मनाया। यह सब जमानत की योजना का हिस्सा था।

समुद्र में आखिरी खेल

ली और चिंग आखिर एक नाव में बैठकर हांगकांग से दूर भाग रहे हैं। ली को लगता है कि उसकी योजना एक बार फिर सफल हो गई है। उसने पुलिस को पेंटर के झूठे चेहरे के पीछे भेज दिया, जमानत पा ली और अब चिंग के साथ निकल आया। लेकिन तभी चिंग उसे बताती है कि वह नाव को जानबूझकर गोल-गोल घुमा रही है। वे असल में उतनी दूर नहीं पहुँचे जितना ली समझ रहा था।

चिंग बताती है कि निकलने से पहले उसने एक लाइटर पर नाव का नंबर लिख दिया था ताकि पुलिस उन्हें पहचान सके और उनका पीछा कर सके। अब उसका इरादा भागने का नहीं है। वह जान चुकी है कि ली उसे कभी चिंग के रूप में प्रेम नहीं करेगा। वह केवल उसके चेहरे में युवान को देखता है। उसका पूरा रिश्ता एक नकल, एक बदली हुई पहचान और ली की दीवानगी पर बना था। इसलिए चिंग अब उसी आदमी से बदला लेना चाहती है जिसके लिए उसने सब कुछ खोया।

कुछ ही देर में पुलिस की नावें चारों तरफ दिखाई देने लगती हैं। ली घबराकर नाव तेज चलाने की कोशिश करता है। वह सोचता है कि अभी भी बच सकता है। मगर चिंग ने पहले से नाव में विस्फोटक छिपा रखे हैं। वह ट्रिगर दबा देती है। एक जोरदार धमाका होता है और पूरी नाव आग के गोले में बदल जाती है। समुद्र के बीच जलते टुकड़े बिखर जाते हैं। ली और चिंग दोनों उस आग में घिर जाते हैं और उनकी कहानी वहीं समाप्त होती दिखाई देती है।

अंतिम सच: युवान ने ली से कभी प्रेम नहीं किया

ली की मौत के बाद इंस्पेक्टर हो असली युवान के पास जाता है। वह उसे बताता है कि पुलिस ने पेंटर की असली पहचान समझ ली है और ली की तस्वीर दिखाता है। युवान तस्वीर पहचान लेती है, लेकिन उसका जवाब फिल्म का आखिरी भ्रम भी तोड़ देता है। वह कहती है कि हाँ, वह इस आदमी को जानती है। ली कभी उसका पड़ोसी हुआ करता था। उनके बीच वैसा प्रेम-संबंध कभी था ही नहीं जैसा ली ने अपनी कहानी में बताया था।

इसका मतलब है कि ली की युवान के साथ पूरी रोमांटिक कहानी भी उसकी कल्पना, जुनून और एकतरफा प्रेम से बनी हुई थी। वह उससे प्यार करता था, लेकिन शायद उसने कभी अपने दिल की बात तक नहीं कही। युवान अपनी जिंदगी में आगे बढ़ गई, जबकि ली उसके पीछे एक काल्पनिक जीवन बनाता रहा। वह उसके जैसा मौलिक कलाकार बनना चाहता था, मगर मौलिकता उसके स्वभाव में थी ही नहीं। ली की सबसे बड़ी क्षमता नकल थी और यही उसकी सबसे बड़ी कमजोरी भी बन गई।

वह तस्वीरों की नकल कर सकता था, मशहूर पेंटिंग की नकल कर सकता था, अमेरिकी नोट की नकल कर सकता था, पुलिस कांस्टेबल का चेहरा कॉपी कर सकता था, चिंग को युवान जैसा चेहरा दिलवा सकता था और पेंटर जैसा पूरा इंसान गढ़ सकता था। मगर वह अपने लिए एक असली, सच्ची जिंदगी नहीं बना सका। बहुत पैसा कमाकर युवान के सामने सफल आदमी बनकर खड़े होने की उसकी चाह उसे अपराध की दुनिया में ले गई।

अंत में उसका बनाया हुआ नकली साम्राज्य उसी की तरह बिखर जाता है। समुद्र के काले पानी में नाव के जले हुए टुकड़े, जलते कागज की राख और नष्ट हुई पहचानें रह जाती हैं। ली ने जिस प्रतिभा के सहारे दुनिया को धोखा दिया, वही प्रतिभा उसे सच से सबसे दूर ले गई। जिसने उसे कभी प्रेम किया ही नहीं, उसके लिए उसने जिंदगी बर्बाद कर दी; और जो चिंग उसे सच में चाहती थी, उसे उसने कभी उसके अपने रूप में स्वीकार नहीं किया। इसी त्रासदी के साथ कहानी खत्म होती है।

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